जानिये ये प्यार है . . .
चेहरा सुर्ख़ हो चले तो समझिये प्यार है
नूर रूप पे चढ़े तो जानिये ये प्यार है
धड्कनें बढ़ने लगें तो जानिये ये प्यार है
हर आहट पे नज़रें उठें तो समझिये प्यार है
आँख बोलने लगें ,लब खोले न खुलें
मुस्कुरातें रहे तो जानिये ये प्यार है
बातों-बातों में ज़िक्र आने लगे,
हर आवाज़ वो आवाज़ लगे तो जानिये ये प्यार है
तो जानिये ये प्यार है
शूल भी फूल लगे तो समझिये प्यार है
फिज़ा चमन महक उठे तो जानिये ये प्यार है
मन बहक -बहक जाए तो समझिये प्यार है
तन लहक -लहक उठे तो जानिये ये प्यार है
आफ़ताब महताब लगे ,सितारों की बारात सजे
हर सुबह शबनमी शाम गुनगुनी लगे तो जानिये ये प्यार है
तो समझिये प्यार है
इंतज़ार हर दम रहे हर लम्हा खुशगवार लगे तो जानिए ये प्यार है
दर्द को जीने लगे हर ज़ख्म पे उफ़ न करे
जब सर्द-सर्द कोई लम्हा लगे ,दर्द में मुस्कुराने लगे तो समझिये प्यार है
जब राह लम्बी छोटी लगे तो जानिये ये प्यार है
जब रातें काटें न कटें तो समझिये प्यार है
बिखरतों को जो समेट दे तो जानिये ये प्यार है
दूरियों को घटा दे तो समझिये प्यार है
चेहरा सुर्ख़ हो चले तो जानिये ये प्यार है
नूर रूप पे चढ़े तो बूझिये ये प्यार है . . . . ! ! !
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