यह एहसास दिल को
यह एहसास दिल को कचोटता है
यह ख्याल खुद को बेहाल करता है
जब ढूंढती हूँ आपकी नज़रों को
आईना मेरा मखौल उड़ाता है
क़ैद करके रखी है आपकी खुशबु
अपने वजूद में
बस हर रोज़ यही हाल बेहाल होता है
इन अठारह बरसों में एक दिन ऐसा न गया
जब जुबां ने याद न किया
नम आँखों ने आपकी वो मुस्कराहट का इंतज़ार न किया
ख़ामोश तस्वीर में क़ैद
बस अनजानी शक्ति का एहसास
मुझे आज भी आपकी ओर ले जाता है हरदम
सिर्फ़ ख्वाहिश है दुआओं की आपसे
देते रहें आशीष हर कदम .....
यह ख्याल खुद को बेहाल करता है
जब ढूंढती हूँ आपकी नज़रों को
आईना मेरा मखौल उड़ाता है
क़ैद करके रखी है आपकी खुशबु
अपने वजूद में
बस हर रोज़ यही हाल बेहाल होता है
इन अठारह बरसों में एक दिन ऐसा न गया
जब जुबां ने याद न किया
नम आँखों ने आपकी वो मुस्कराहट का इंतज़ार न किया
ख़ामोश तस्वीर में क़ैद
बस अनजानी शक्ति का एहसास
मुझे आज भी आपकी ओर ले जाता है हरदम
सिर्फ़ ख्वाहिश है दुआओं की आपसे
देते रहें आशीष हर कदम .....
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