Wednesday, September 25, 2013

यह एहसास दिल को

September 3, 2013 at 11:26pm
यह एहसास दिल को कचोटता है
यह ख्याल खुद को बेहाल करता है
जब ढूंढती हूँ आपकी नज़रों को
आईना मेरा मखौल उड़ाता है
क़ैद करके रखी है आपकी खुशबु
अपने वजूद में
बस हर रोज़ यही हाल बेहाल होता है
इन अठारह बरसों में एक दिन ऐसा न गया
जब जुबां ने याद न किया
नम आँखों ने आपकी वो मुस्कराहट का इंतज़ार न किया
ख़ामोश तस्वीर में क़ैद
बस अनजानी शक्ति का एहसास
मुझे आज भी आपकी ओर ले जाता है हरदम
सिर्फ़ ख्वाहिश है दुआओं की आपसे
देते रहें आशीष हर कदम .....

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